कांकरेज गाय की जानकारी यहां पढ़ें

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क्या आप एक ऐसी गाय खोज रहे हैं जो ढुलाई का काम भी कर सके और दूध भी अधिक मात्रा में दे सकें। अगर हां तो भारतीय नस्ल की कांकरेज गाय एक बेहतर विकल्प हो सकती है। कंकरेज गाय का अस्तित्व गुजरात के कच्छ से जुड़ा हुआ है। साथ ही यह पाकिस्तान के थारपारकर जिले में भी पाई जाती है।  आपको बता दें कि कंकरेज गाय को वगाड़िया, बोनई, तालबंदा के नाम से भी जाना जाता है।

कांकरेज गाय को लेकर हैरान कर देने वाली बात यह है, कि ब्राजील में पाई जाने वाली गुजेरा नस्ल इसी नस्ल के जरिए बनी थी। दरअसल 1870 में भारत से कंकरेज गाय और बैल को ले जाया गया था। जिसके बाद गुजेरा नस्ल का जन्म हुआ था। यही नहीं जानकार बताते हैं कि आगे चलकर कई अमेरिकी गाय की कई नस्ल कांकरेज के जरिए ही बनी थी। आज हम आपको अपने इस लेख में कंकरेज गाय से जुड़ी तमाम जानकारियां देंगे।

अगर आप भी कंकरेज गाय को खरीदना या बेचना चाहते हैं तो यह आप Animall ऐप के जरिए ऐसा कर सकते हैं। इसके अलावा कंकरेज गाय से जुड़ी हुई तमाम जानकारियां हासिल करने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

कांकरेज गाय की पहचान कैसे करें 

जानकारों की मानें तो कांकरेज गाय का इतिहास 5000 साल पुराना है। इतिहास में मोहनजोदड़ो के समय पर की गई नक्काशी और रचनाओं में कांकरेज गाय के चित्र दिखाई देते हैं। कांकरेज गाय पहले के समय में गुजरात और पाकिस्तान में पाई जाती थी। आमतौर पर कांकरेज गाय का उपयोग दोहरा होता है। इसके जरिए दूध तो प्राप्त किया ही जाता है। साथ ही यह गाय ढुलाई और हल जोतने के काम भी कर सकती है। यही कारण भी है जिसकी वजह से कांकरेज गाय की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। 

कांकरेज एक ऊंचे आकार की गाय है जिसके सींग बेहद बड़े होते हैं। इस गाय की कमर भी ऊंट की भांति उभरी हुई रहती है। कांकरेज गाय की पूंछ लंबी होती है पर यह जमीन पर नहीं टिकती। इनके शरीर पर फैट अधिक नहीं होता पर यह सुडौल शरीर की होती है। कांकरेज गाय आपको अलग – अलग रंग में देखने को मिल सकती है जैसे स्टील ब्लैक, सिल्वर ग्रे, और आयरन ग्रे आदि। ज्ञात हो कि कांकरेज गाय और बैल अधिक वजन वाले पशु होते हैं। कांकरेज पशु का वजन 590 किलोग्राम तक हो सकता है। वहीं कांकरेज गाय का वजन 431 किलोग्राम तक होता है। 

कांकरेज गाय के दूध की विशेषताएं 

कांकरेज एक बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली गाय है। यह एक बार के दुग्ध काल में 1738 से लेकर 1800 किलोग्राम तक सालाना दूध दे सकती है। वहीं अगर यह गाय ग्रामीण इलाकों में रहे तो इसकी दूध देने की क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाती है। एक शोध के दौरान विशेषज्ञों ने कुछ ऐसी कांकरेज गाय भी देखीं जो ग्रामीण क्षेत्रों में थी और सालाना 4900 किलो दूध देती थी। आपको बता दें कि कांकरेज गाय के दूध में 4.8 प्रतिशत तक फैट होता है। कांकरेज गाय के दूध से प्राप्त घी को भी अधिक दाम पर बेचा जा सकता है। कांकरेज गाय 39 से 56 महीने के बीच गर्भधारण के लिए तैयार हो जाती है।

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कांकरेज गाय की कीमत 

कांकरेज गाय एक नहीं बल्कि पशुपालकों के कई काम कर सकती है। यह परिवहन और सामान ढुलाई का काम भी कर सकती है। साथ ही खेत जोतने के भी काम आ सकती है। इसके अलावा कांकरेज गाय दूध भी अधिक मात्रा में देती है। इसकी वजह से कांकरेज गाय की कीमत अभी के समय में एक लाख रुपए तक पहुंच गई है। वहीं भविष्य में इसकी कीमत और अधिक हो सकती है। 

कांकरेज गाय की देखरेख

कांकरेज गाय को एक निर्धारित मात्रा में ही चारा देना चाहिए। वरना इन्हें बदहजमी की समस्या हो सकती है। अपनी गाय को पूरी तरह तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए आप कई तरह की सूखी घास चारे के रूप में दे सकते हैं, जैसे मक्की, लूर्सन, जई, पराली, और दूर्वा आदि। इसके अलावा गाय को आप मक्की, चावलों की कणी, चोकर, सोयाबीन, मूंगफली की खल, सरसो की खल आदि भी दे सकते हैं। ध्यान रहे कि एक सही आहार ही गाय के दूध की उत्पादन क्षमता को बेहतर कर सकता है।  

कांकरेज गाय को लगवाए जाने वाले टीके 

कांकरेज गाय की बछड़ी के पैदा होने के 6 महीने बाद ही इसे ब्रुसेला का टीका जरूर जरूर लगवाएं। इसके अलावा गाय को दूसरे कई रोगों से बचाने के लिए इन्हें गलघोटू और खुर का टीका भी जरूर लगवाना चाहिए। वहीं अगर गाय की नस्ल के हिसाब से भी कुछ सावधानियां और टीके होते हैं। जिनके बारे में आपको डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।

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कांकरेज गाय को होने वाले रोग और इलाज 

एक पशुपालक के लिए उसका पशु आय का मुख्य जरिया होता है। ऐसे में अपने पशु को बीमारियों से बचाए रखने के लिए सभी जरूरी उपाय अपनाने चाहिए। साथ ही बीमारियों के लक्षणों की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कांकरेज गाय को होने वाली ऐसी ही कुछ बीमारियां और उनके इलाज के बारे में। 

थनैला रोग और इलाज 

यह रोग अधिक दूध देने वाली गाय या भैंस को हो सकता है। इस रोग के शुरुआती लक्षणों को समझ कर पशु के प्राणों को संकट से बचाया जा सकता है। थनैला रोग के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं, थन में सूजन आना, थनों में दर्द होना, थन का आकार बढ़ जाता है, थनों में दूध के साथ खून भी आने लगता है। 

थनैला के इलाज – गाय को होने वाली इस बीमारी का इलाज केवल तभी संभव है, जब बीमारी का पता शुरुआती समय में चल जाए। ऐसे में गाय को इस बीमारी से बचाए रखने के लिए आप समय समय पर दूध की जांच कराते रहें।

एनाप्लजमोसिस एवं इसका इलाज 

कांकरेज गाय के लिए यह रोग बहुत खतरनाक हो सकता है। आपको बता दें कि यह रोग एनाप्लाज़्मा मार्जिनल की वजह से होता है। यह रोग होने पर कांकरेज गाय में कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे नाक से गाढ़ा तरल पदार्थ निकलना, शरीर का तापमान बढ़ना, खून की कमी होना और मुंह से लार गिरना आदि। 

इलाज – पशु पर यह लक्षण दिखाई देने पर आप चाहें तो गाय को अकार्डीकल दवा  दे सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना बिल्कुल न दे।

तिल्ली रोग और इसका इलाज 

यह एक बेहद खतरनाक रोग है जो खराब भोजन और गंदे पानी की वजह से पशुओं में हो जाता है। इस रोग के दौरान पशुओं को बहुत दर्द रहता है और शरीर के कई हिस्सों से लुक जैसा खून निकलने लगता है। साथ ही इस स्थिति में पशु का शरीर भी अकड़ जाता है। 

तिल्ली का इलाज – इस स्थिति से पीड़ित पशु का कोई भी तय इलाज नहीं है। ऐसे में तिल्ली रोग के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा पशुओं को स्वस्थ आहार और पानी देना चाहिए। साथ ही उनके आस पास साफ सफाई बनाकर रखनी चाहिए। 

ब्लैक क्वार्टर एवं इसका इलाज 

यह रोग गाय को बारिश के दिनों में मिट्टी से पैदा होने वाले जीवाणु की वजह से होता है। उन पशुओं को ब्लैक क्वार्टर से अधिक खतरा होता है जिनकी आयु 6 से 24 महीने के बीच है। यह रोग होने पर कांकरेज गाय को तेज बुखार हो जाता है। साथ ही इस स्थिति में कई बार सांस लेना भी दूभर हो जाता है। 

ब्लैक क्वार्टर का इलाज – इस बीमारी में गाय को पैनसीलिन टीका प्रभावित स्थान पर दिया जाता है। साथ ही डॉक्टर पशु की ड्रेसिंग भी करने की सलाह देते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि ब्लैक क्वार्टर पर टीका केवल तभी कारगर सिद्ध हो सकता है, जब इसे बीमारी के शुरुआती समय में दिया जाए।

Animall ऐप पर कैसे खरीदें गाय:

घर बैठे – बैठे कोई भी गाय खरीदने के लिए आप Animall ऐप को डाउनलोड करें। लेकिन ध्यान रहे कि ऐप केवल एंड्रॉयड फोन में ही डाउनलोड किया जा सकता है। एंड्रॉयड स्मार्ट फोन में यह ऐप डाउनलोड करने के लिए आप प्ले स्टोर पर जाएं, या नीचे दिए गए विकल्प  पर क्लिक करें। Click Here           

  1. ऐप डाउनलोड होने के बाद आप इसमें मोबाइल नंबर डालें और अपनी जगह का चुनाव करें।
  1. इसके बाद आपको भाषा चुन्नी है।
  1. अब आप ऐप को इस्तेमाल कर पाएंगे। यहां से आपको चुनाव करना है कि आपको पशु बेचना है या खरीदना है।
  1. अगर आपको गाय खरीदनी है तो आप गाय के विकल्प का चुनाव करें। 
  1. यहां आपको जो भी गाय बिकाऊ है, उनकी सूची दिख जाएगी।
  2. अब आपको पशु के दूध की क्षमता, ब्यात, नस्ल के विकल्प सामने नजर आएंगे । इन विकल्पों को चुनने के बाद आपके सामने एक सूची आ जाएगी।  
  3. इस सूची के आधार पर आप अपनी गाय चुन सकते हैं। इसके साथ ही गाय बेचने वाले से सीधा बात कर सकते हैं 
  1. आप बेचने वाले व्यक्ति से मोल भाव करके, पशु से जुड़ी अन्य जानकारियां भी हासिल कर सकते हैं। 

ऐप पर कैसे बेचें पशु

 

  1. अगर आप गाय बेचना चाहते हैं तो इसके लिए आप ऐप के ठीक नीचे देखें। वहां बीचों बीच आपको पशु बेचने का विकल्प दिखाई देगा।
  1. क्लिक करने के बाद आपको गाय की ब्यात, नस्ल, कीमत, दूध देने की क्षमता, गाय की फोटो अपलोड करनी होगी।
  1. इस तरह आपका पशु Anmall ऐप पर लिस्ट हो जाएगा। अब जिस भी व्यक्ति को गाय खरीदनी होगी, वह आपसे कॉल या मैसेज के जरिए बात कर लेगा।