दूध उत्पादन में उस्ताद है जाफराबादी भैंस, जानें इस नस्ल की सारी जानकारी!
भारत पूरी दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादन वाला देश है। जब भारत में दूध देने की बात होती है, तो उसमें भैंस को काफी महत्व दिया जाता है। आज हम आपको भैंस की एक ऐसी ही नस्ल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो काफी ज्यादा मात्रा में दूध देती है। ये खास नस्ल और कोई नहीं बल्कि जाफराबादी भैंस ही है।
जाफराबादी भैंस आमतौर पर गुजरात के भावनगर इलाके में पाई जाती है। हालांकि इसका मूल स्थान गुजरात का जाफराबाद इलाका है, जिसकी वजह से इसका नाम जाफराबादी भैंस पड़ा है। ये भैंस गुजरात के भावनगर, जूनागढ़, अमरेली, पोरबंदर में बहुत बड़ी संख्या में पाली जाती है।
जाफराबादी भैंस की पहचान
जाफराबादी भैंस का शारी काफी भारी भरकम और लंबा होता है। ये भैंस की सबसे भारी नस्ल है। इसका रंग काला होता है और जाफराबादी का माथा भारी और उठा होता है। इसका मुंह छोटा होता है। अगर बात इसके सींग की करें तो वो चौड़े और गर्दन की तरफ झुके हुए होते हैं। इसके सींग के आगे का हिस्सा गोल छल्लेदार होता है। वहीं इसकी पूंछ के निचले हिस्से में सफेद धब्बे होते हैं। जाफराबादी भैंस लगभग 450 से 500 किलो की होती है।
जाफराबादी भैंस के दूध की जानकारी
आमतौर पर जाफराबादी भैंस एक दिन में 30 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है। इसके दूध में फैट की मात्रा भी 7 फीसदी से ज्यादा होता है। इसका दूध काफी अच्छी गुणवत्ता का होता है। दूध का व्यवसाय करने वालों के लिए जाफराबादी भैंस काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
जाफराबादी भैंस को चारे में क्या दें
इस नसल की भैंसों को आहार और आराम दोनों की बहुत ज्यादा जरूरत होती है और इन दोनों चीजों का खास ध्यान रखना होता है। भैंस को आराम देना इसलिए जरूरी है ताकि दूध उत्पादन पर किसी भी तरह का कोई असर ना पड़े।
वहीं जाफराबादी को देने वाले आहार का भी खास ध्यान रखना होता है। आहार में संतुलन बनाना काफी जरूरी होता है। आहार में दाने और चारे का मिश्रण करना होता है। इस नस्ल की भैंस को उतना ही हरा चारा देना होता है जितना उसकी खुराक के लिए जरूरी है।
जाफराबादी भैंस का वजन काफी ज्यादा होता है। इसलिए उसकी खुराक भी ज्यादा होती है। आमतौर पर चारे में दाने का हिस्सा 35 फीसदी होता है। इसके अलावा चना, अलसी, मुंगफली खिला सकते हैं। संतुलित आहार के लिए भैंस को कई चीजें दी जाती है। बड़ी दुधारू भैंस को हर रोज 3 से 4 किलो दाना जरूर देना होता है।
दाने में जाफराबादी को गेहूं, जौ, बाजरा, मक्का दिया जा सकता है। वहीं दाना मौसम के हिसाब से देना चाहिये। इसका सीधा असर दूध पर होता है।
जाफराबादी की देखरेख कैसे करें
शेड की आवश्यकता:
जाफराबादी भैंस को एक शेड में रखने की जरूरत होती है। ताकि भैंस को भारी बारिश, तेज धूप, ठंड, बर्फबारी से बचाया जा सके। इतना ही नहीं शेड में साफ हवा और पानी रहना चाहिये। पशुओं की संख्या के हिसाब से उनके खाने के लिए जगह होनी चाहिये।
गर्भवती जानवरों की देखभाल:
अच्छा प्रबंधन करने से जाफराबादी भैंस के बछड़े अच्छे पैदा होते हैं। साथ ही उनका दूध उत्पादन भी बेहतर होता है। इसके अलावा गर्भवती भैंस को 1 किलो चारा भी ज्यादा देना चाहिए।
कटड़ों की देखभाल और प्रबंधन:
जन्म के बाद नाक या मुंह से कफ को तुरंत हटाना होता है और अगर बछड़ा सांस नहीं ले पा रहा है, तो उसे बनावटी सांस देनी जरूरी होती है।
जाफराबादी भैंस को होने वाली आम बीमारियां और उनका इलाज
भैंसों का गल-घोटू रोग
गल-घोटू रोग भैंसों में होने वाली एक जानलेवा बीमारी है, जो ज्यादातर 6 महीने से लेकर 2 साल के पशु को होती है। गल घोटू रोग का कारण पासचुरेला मलटूसिडा नामक जीवाणु होता है, जो पशु के टांसिल में होता है। इसके अलावा ज्यादा काम का बोझ, खराब पोषण, गर्मी और अन्य बीमारियां जैसे कि खुरपका-मुंहपका रोग होते हैं। ज्यादातर ये बीमारी बारिश के मौसम में होती है।
गल-घोटू के लक्षण
- बुखार होना
- मुंह से लार टपकना
- आंख और नाक से पानी निकलना
- भूख न लगना
- पेट दर्द होना और दस्त होना आदि
रोकथाम
- गर्मियों के मौसम में पशुओं को इक्ट्ठे और तंग जगह पर ना बांधे।
- बीमार पशुओं को बाकी पशुओं से अलग रखें।
- मॉनसून आने से पहले ही टीकाकरण करवाएं। पशुओं के पहले टीका 6 महीने की उम्र में और फिर हर साल जरूरी करवाएं।
- लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
तिल्ली का रोग (एंथ्रैक्स)
इस बीमारी में सुरती भैंस को काफी तेज बुखार होता है। ये बीमारी आमतौर पर कीटाणु और दूषित पानी या फिर खराब खुराक की वजह से होती है। ये बीमारी अचानक होती है या कुछ समय भी ले सकती है।
लक्षण:
- इसमें जानवर का शरीर अकड़ जाता है
- चारों टांगे बाहर को खींची जाती हैं।
रोकथाम: इसका कोई असरदायक इलाज नहीं है। हर साल इसके बचाव के लिए टीके लगवाये जाने चाहिए।
Animall पर कैसे खरीदें भैंस
अगर आप भैंस खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए अब आपको बाजारों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आप सिर्फ Animall ऐप को डाउनलोड कर ही पसंद की जाफराबादी भैंस घर ले जा सकते हैं। ऐसा करने के लिए सबसे पहले आपको प्ले स्टोर से Animall ऐप को डाउनलोड करना होगा। अपने एंड्रॉयड स्मार्ट फोन में ये ऐप डाउनलोड करने के लिए आप प्ले स्टोर पर जाएं, या नीचे दिए गए विकल्प पर क्लिक करें। Click Here

- ऐप डाउनलोड होने के बाद आप अपना मोबाइल नंबर डालें और फिर अपनी जगह को चुनें।

- अब आप अपनी मर्जी के मुताबिक ऐप की भाषा चुनें।

- अब आप Animall ऐप को इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां पर आपके सामने पशु खरीदने या बेचने का विकल्प आ जाएगा।

- अगर आप भैंस खरीदना चाहते हैं तो आपको ऐप पर भैंस के विकल्प का चुनाव करना होगा।

- जो भी भैंस बिकाऊ होगी, यहां पर आपको उनकी पूरी लिस्ट मिल जाएगी।
- इसके बाद आप पशु के दूध की क्षमता, ब्यात, नस्ल के विकल्प देख सकेंगे। आप अपनी जरूरत के मुताबिक पशु की सूची हासिल कर सकेंगे।
- इस सूची के आधार पर आप अपनी जाफराबादी भैंस का चुनाव कर सकते हैं और सीधा बेचने वाले व्यक्ति से बात कर सकते हैं।
- आप बेचने वाले व्यक्ति से मोल भाव भी कर सकते हैं और भैंस से जुड़ी अन्य जानकारियां भी हासिल कर सकते हैं।
ऐप पर कैसे बेचें पशु
- वहीं अगर आप जाफराबादी भैंस बेचना चाहते हैं तो इसके लिए आप ऐप के ठीक नीचे देखें। वहां बीचों बीच में आपको पशु बेचने का विकल्प भी दिखाई देगा।

- यहां पर क्लिक करने के बाद आपको पशु से जुड़ी सारी जानकारी डालनी होगी। जैसे की भैंस कौनसी नस्ल की है, ब्यात, भैंस की कीमत, दूध देने की क्षमता और फोटो भी अपलोड करनी होगी।

- इसके बाद आपका पशु Animall ऐप पर लिस्ट हो जाएगा। जिसके बाद जो भी खरीदार होगा वो आपसे सीधा संपर्क कर सकता है और आप अपना पशु बेच सकते हैं।
Animall ऐप जहां आपको बिना किसी कमीशन के पशु बेचने और खरीदने का विकल्प देता है। साथ ही आपको पशु से जुड़ी सारी जानकारी भी ऐप पर ही मिल जाएगी। वहीं अगर आपका पशु बीमार हो जाता है तो उसके लिए ऐप पर डॉक्टर से बात भी कर सकते हैं। और पढ़ें






