बारगुर गाय की संपूर्ण जानकारी यहां पढ़ें।

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Source – Wikipedia

भारत देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों से ताल्लुक रखता है और इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का गुजारा पशुपालन एवं खेती के जरिए ही होता है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर ऐसी गाय की तलाश में रहते हैं, जो उनके जीवन को आसान बना सकें और उन्हे आर्थिक रूप से फायदा पहुंचा सकें। आज हमने पशुपालकों के लिए ऐसी ही एक गाय की नस्ल खोजी है। दरअसल हम बात कर रहे हैं बारगुर गाय की। आपको बता दें कि बारगुर गाय एक छोटे और मध्यम कद की गाय है। जिसका ताल्लुक तमिलनाडु के डिरोज जिले से है। इसका नाम भी भवानी तहसील में मौजूद बारगुर पहाड़ी क्षेत्र पर ही रखा गया है। बारगुर गाय अपनी सहनशक्ति और गतिशीलता के लिए जानी जाती है। आज हम अपने इस लेख में आपको बारगुर गाय से जुड़ी संपूर्ण जानकारियां देंगे। इसके साथ ही आप किस तरह ऑनलाइन माध्यम से बारगुर गाय को खरीद या बेच सकते हैं, यह भी बताएंगे। बारगुर गाय से जुड़ी दिलचस्प जानकारी हासिल करने के लिए लेख पर अंत तक बने रहें। और पढ़ें

 

बारगुर गाय की पहचान कैसे करें


Source – Tanuvas

बारगुर नस्ल की गाय देखने में काफी खूंखार होती हैं। इनके सींग बाहर की ओर लंबे और पैने होते हैं। बारगुर गाय का रंग गहरा ब्राउन होता है और इनके शरीर पर सफेद रंग के धब्बे मौजूद होते हैं। वहीं इनका माथा सपाट होता है और कान बाहर की तरफ बिल्कुल सीधे रहते हैं। इस गाय का शरीर पर वसा अधिक मौजूद नहीं होता और यह सुडौल शरीर की होती है। बारुगर गाय के चेहरे पर भी सफेद रंग के दाग धब्बे दिखाई दे सकते हैं। गाय की कमर पर मौजूद कूबड़ का आकार हल्का ही ऊपर उठा होता है।

 

बारगुर गाय का दूध और विशेषताएं 

किसानों व पशुपालकों के लिए गाय का दूध देना बहुत महत्व रखता है। इसलिए बता दें कि बारगुर गाय अपनी एक ब्यात में 250 से लेकर 1300 किलोग्राम तक दूध देती है। इस गाय के दूध में फैट अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा यह गाय एक बार गर्भधारण करने बाद 270 से 310 दिन तक दूध दे सकती है। गाय के दूध के साथ – साथ इसके मूत्र और गोबर का भी इस्तेमाल किसान और पशुपालक कर सकते हैं। और पढ़ें

 

बारगुर गाय की देखरेख कैसे करें 

बारगुर गाय एक अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली गाय है। वहीं यह गाय पहाड़ी क्षेत्र से आती है। लेकिन इसके बावजूद गर्म मौसम की मार भी झेल सकती है। लेकिन गाय के रहने के लिए कुछ विशेष इंतजाम करना बेहद जरूरी है। बारगुर गाय को रखने के लिए एक शेड की जरूरत होती है। शेड का निर्माण इस तरह से होना चाहिए। जिससे गाय धूप, बारिश आदि से बच सकें। वहीं शेड में हवा की आवाजाही ठीक से हो, इस बात का भी ध्यान रखना अनिवार्य है। शेड की सफाई अंदर से रोजाना होनी चाहिए। गाय के द्वारा किए गए मल को जल्दी से जल्दी शेड के अंदर से हटा देना चाहिए। इससे गाय कई तरह की गंभीर बीमारियों से बच जाती है। 

बारगुर गाय को दिया जाने वाला चारा 

बारगुर गाय एक मध्यम आकार की गाय है। इसे दिन भर में केवल 5 से 7 किलो ही चारा देने की जरूरत होती है। आप इस गाय को हरा चारा दे सकते हैं जैसे, गेहूं, मक्का, ज्वार आदि। इसके अलावा घर से गेहूं, सब्जी फल आदि भी दिए जा सकते हैं। गाय को दिए जाने वाले चारे की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए। गाय को किसी भी तरह का अशुद्ध भोजन नहीं देना चाहिए। पशु को अशुद्ध भोजन देने पर उनके बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। और पढ़ें

बारगुर गाय को लगने वाले टीके 

बारगुर गाय को सही देखरेख के साथ – साथ कुछ आवश्यक दवाओं की भी जरूरत होती है। यह दवाएं गाय को टीके के माध्यम से दी जाती हैं। ऐसे में एक पशुपालक को कुछ टीके समय – समय पर जरूर लगवाने चाहिए। इसमें जब गाय 6 माह से लेकर 24 माह तक की हो तो उसे ब्रुसेला का टीका दिया जाना चाहिए। इसके अलावा गाय को कुछ अन्य बीमारियों से बचाने के लिए गलघोटू और मुंह खुर का टीका दिया जाना चाहिए। 

 

बारगुर गाय की बीमारी और इसके इलाज


Source – Dairy Knowledge 

बारगुर नस्ल की गाय की देखरेख में की गई कुछ लापरवाही कई बार इन्हें खतरनाक बीमारियों की गिरफ्त में डाल देती हैं। इसके अलावा कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं जो गाय को परेशान कर सकती हैं। और पढ़ें

 

थनैला रोग और इसके उपचार के तरीके 

थनैला के नाम से ही आप समझ गए होंगे कि यह रोग गाय के थन से संबंधित है। आपको बता दें कि यह रोग आमतौर पर अधिक दूध देने वाली गाय को होता है। लेकिन कई बार कम दुधारू गाय भी इस रोग का शिकार हो जाती हैं। इस रोग के दौरान गाय के थन का आकार बढ़ जाता है और इनमें सूजन आ जाती है। साथ ही दूध निकालने का रास्ता संकरा हो जाता है। साथ ही थनों से पस और खून भी निकलने लगता है।  

थनैला का उपचार – थनैला के उपचार हेतु इस रोग का समय पर पता चलना बहुत जरूरी है। वरना इस रोग की वजह से पशु के थन भी काटने पड़ सकते हैं। इसके अलावा थनैला से पशु को बचाने के लिए गाय के दूध और थनों पर नजर बनाकर रखनी चाहिए। इसके साथ ही पशु की बदलती स्थिति पर नज़र भी बनाकर रखनी चाहिए। और पढ़ें

 

तिल्ली रोग और उपचार

बारगुर गाय या किसी भी अन्य पशु को यह रोग तब होता है, जब उन्हें खराब भोजन और पानी दिया जाए। इस रोग के होने पर पशु के शरीर से लुक जैसा रक्त निकलने लगता है। इसके साथ ही पशु को तेज बुखार भी हो जाता है। साथ ही कई पशुओं में शरीर अकड़ने की दिक्कत भी देखी जा सकती है। 

तिल्ली रोग का इलाज – आपको बता दें कि तिल्ली रोग की कोई ठोस उपचार प्रक्रिया या दवा मौजूद नहीं है। इसलिए पशु को यह रोग होने से बचाना ही एकमात्र विकल्प है। तिल्ली रोग से पशु को बचाने के लिए उसे शुद्ध भोजन और पानी ही देना चाहिए। वहीं अगर किसी पशु को यह रोग हो जाए तो स्वस्थ पशुओं से दूर बांध देना चाहिए। इसके अलावा अगर पशु की मौत तिल्ली रोग से हो जाए तो उसके शव को किसी गहरे गड्ढे में दफना देना चाहिए। और पढ़ें

 

 ब्लैक क्वार्टर रोग और उपचार 

यह एक खतरनाक रोग है जो पशु की जान को खतरे में भी डाल सकता है। आपको बता दें कि ब्लैक क्वार्टर जीवाणु बारिश के दौरान मिट्टी में पैदा होता है। इस रोग का बुरा प्रभाव पशुधन पर पड़ता है। इसके साथ ही पशु को इस रोग में सांस लेने में भी परेशानी होती है। यही नहीं कई बार पशु को बुखार भी हो जाता है। 

ब्लैक क्वार्टर रोग का उपचार – अगर समय पर इस रोग का पता चल जाए तो पेनसिलिन टीके के जरिए ठीक हो सकता है। पर अगर रोग के पता चलने में समय लग जाए तो स्थिति काबू से बाहर चली जाती है। ऐसे में पशु की जान जाने का खतरा भी बढ़ सकता है।

Animall ऐप पर कैसे खरीदें गाय:

अगर कोई पशुपालक या किसान गाय ऑनलाइन खरीदना चाहता है तो वह Animall ऐप के जरिए ऐसा कर सकता है। ऐनिमॉल ऐप डाउनलोड करने के लिए इस Click Here विकल्प को चुने

  1. जब ऐप डाउनलोड हो जाए तो रजिस्ट्रेशन हेतु अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।
     
  2. इसके बाद आपको अपने अनुसार भाषा का चुनाव करना है।
     
  3. अब आप का उपयोग करके पशु खरीद या बेच सकते हैं।
  4. उदाहरण के लिए अगर आपको गाय खरीदनी है तो आपको उसके विकल्प को चुनना होगा। सहायता के लिए आप नीचे दिए गए चित्र को देख सकते हैं।
     
  5. विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने गाय की सूची आ जाएगी।
  6. यहां आप अपने अनुसार यह भी तय कर सकते हैं कि आपको कौन सी या किस तरह की गाय चाहिए। इसके लिए आपको गाय के दूध की मांग, नस्ल, और ब्यात आदि दर्ज करनी होगी।
  7. अब एक फिल्टर्ड सूची आपके सामने होगी। इस सूची में अपने अनुसार गाय का चुनाव करें और बेचने वाले व्यक्ति से सीधे बात करें।
     
  8. आप चाहें तो गाय बेचने वाले व्यक्ति से बात करके गाय की कीमत कम भी करवा सकते हैं।

ऐप पर कैसे बेचें पशु

  1. अगर किसी व्यक्ति को अपनी गाय बेचनी है तो वह भी ऐप के जरिए कर सकता है। ऐप के होमपेज के नीचे पशु खरीदें का विकल्प दिखाई देगा। यहाँ क्लिक करें।
     
  2. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक अन्य पेज आएगा। यहां आपको पशु से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां दर्ज करनी होगी।
     
  3. आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पशु ऐप पर लिस्ट हो जाएगा। इसके बाद जिस भी व्यक्ति को आपके द्वारा बेचे जा रहे पशु में दिलचस्पी होगी और वह आपसे खुद संपर्क कर लेगा। और पढ़ें