वेचुर गाय से जुड़ी सारी जानकारी यहां पढ़ें!

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क्या आपको पता है कि भारत में एक ऐसी नस्ल की गाय है, जो गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सबसे छोटी नस्ल के रूप में दर्ज है। इस नस्ल का नाम वेचुर गाय है। दरअसल भारत में केरल राज्य के कोट्टायम जिले में वेचुर गाय की नस्ल को विश्व की सबसे छोटी नस्ल कहा गया है। इस नस्ल की गाय का नाम केरल के कोट्टायम जिले में पड़ने वाले गांव वेचुर पर रखा गया। ये एक दुर्लभ नस्ल है।

इस पशु की औसत लंबाई 124 सेमी (लगभग 4 फीट और 1 इंच) होती है और वहीं इसकी ऊंचाई भी 87 सेमी (लगभग 2 फीट और 10 इंच) होती है। वेचुर गाय दूध उत्पादन में भी काफी बेहतर मानी जाती है। और पढ़ें


वेचुर गाय की पहचान कैसे करें

वेचुर गायों की शारीरिक बनावट आमतौर पर काफी अलग होती है। ये बाकी गायों की तुलना में काफी अलग होती है। इस नस्ल की गाय की लंबाई लगभग 124 सेमी और ऊंचाई 85 सेमी होती है। जबकि इसका वजन लगभग 130 किलो होता है।

ये हल्के लाल, काले और सफेद रंगों की मिलावट होने की वजह से बेहद ही आकर्षित लगती हैं। इन गायों का सिर लंबा और संकरा होता है और वहीं इनकी पूंछ लंबी और कान सामान्य पर खूबसूरत होते हैं। इन गायों के सींग पतले, छोटे और नीचे की ओर मुड़े हुए होते हैं।

इन्हीं विशेषताओं के कारण वेचुर गाय को गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में सबसे छोटे कद की गाय के रूप में शामिल किया गया है। इस नस्ल के प्रजनन क्षेत्र केरल के अलप्पुझा, कन्नूर, कोट्टायम और कासरगोड जिले हैं। और पढ़ें

 

वेचुर गाय के दूध से जुड़ी जानकारी

वेचुर गाय का दूध काफी बेहतर गुणवत्ता का होता है। इसका उपयोग केरल में परंपरागत रूप से दवाईयां बनाने में किया जाता है। क्योंकि इस नस्ल के दूध में काफी ज्यादा औषधीय गुण पाए जाते हैं। वहीं अगर बात करें कि वेचुर गाय दूध कितना देती है, तो ये गाय बहुत ज्यादा दूध नहीं देती है। ये गाय रोजाना का आमतौर पर लगभग 2 से 3 लीटर तक ही दूध प्रदान करती हैं।

लेकिन वेचुर गाय को बाकी गाय की नस्लों की तुलना में बहुत ही कम खर्च में पाला जाता है। क्योंकि ये काफी कम चारे में ही पल जाती है। इन गायों के दूध में 4.5 से 6 फीसदी तक फैट होता है। पहले ब्यात के समय इन गायों की आयु तीन साल होती है। क्योंकि ये दूध कम देती हैं इसलिए दूध का व्यवस्या करने वाले लोग इसे कम ही पालते हैं।

वेचुर गाय की खासियत

इस नस्ल की गायों पर जहां रोग बहुत कम ही असर करते हैं इन गायों के दूध में सबसे अधिक औषधीय गुण भी होते हैं। इतनी विशेषताओं की वजह से इन्हें पालना मुश्किल नहीं होता है। क्योंकि ये बेहद ही कम खर्चीली होती है। आप इस तरह से मान सकते हैं कि ये सिर्फ इतना ही खर्च करवाती है जितना एक बकरी करवाती है। और पढ़ें

 

वेचुर गाय की देखरेख कैसे करें

वेचुर गाय की देखभाल करने के लिए आपको एक साफ शेड की जरूरत होती है। शेड होने के कारण पशु को गर्मी, ठंड, बारिश के कारण किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा शेड में आपको पशु के लिए साफ पानी और साफ हवा की जरूरत होगी।

इसके अलावा वेचुर कम चारा खाती है, इसलिए उसे ठीक से संतुलित आहार ही दें। आप अपने पशु को फलीदार चारा देने से पहले उसमें तूड़ी और अन्य चारा जरूर मिला लें।

वेचुर गाय को लगने वाले टीके 

किसान और पशुपालकों के लिए ये बेहद जरूरी है कि वो वेचुर गाय को ब्रुसेला जैसे टीके ठीक समय पर लगवा दें। ब्रुसेला का टीका गाय को जन्म के 6 महीनों के बाद ही लगाया जाता है। इसके अलावा वेचुर गाय को मुंह खुर और अन्य टीके भी जरूर लगवाएं। और पढ़ें

 

वेचुर गाय को होने वाली बीमारियां और उनके रोकथाम

हालांकि वेचुर गाय की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी होती है। उसे बहुत ज्यादा बीमारियां नहीं होती है। लेकिन फिर भी उसका सही तरीके से ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में वेचुर गाय को होने वाली कुछ आम बीमारियों के बारे में जानते हैं।

  1. बदहजमी- गाय को बदहजमी की तकलीफ तब होती है जब उसे खाने में ऐसी चीज दी जाए, जिसे पचने में ज्यादा वक्त लगता हो। इस परेशानी से बचाने के लिए वेचुर गाय को हल्का चारा ही दें।
  2. कब्ज – कब्ज की समस्या होने में वेचुर गाय को मल त्यागने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर आपके पशु को भी ये परेशानी हो रही है तो उसे अलसी के 500 एमएल तेल को चारे में मिलाकर दें। इसके अलावा ध्यान रखें की पशन को पीने के लिए पानी की मात्रा सही मिले।
  3. थनैला – थनैला एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी दुधारू पशु को हो सकती है। इससे बचने के लिए आपको साफ-सफाई का खास ध्यान रखना होता है। साथी ही ये ध्यान देना होता है कि पशु के थनों में किसी तरह का इंफैक्शन न हो। ऐसा होने की स्थिति में पशु को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शुरुआती समय में तो इसका इलाज मुमकिन है, लेकिन अगर सही वक्त पर इलाज नहीं करवाया तो थन बचाना मुश्किल हो जाता है। और पढ़ें

Animall ऐप पर कैसे खरीदें गाय:

अगर आप भी घर बैठे एक वेचुर गाय खरीदना चाहते हैं या फिर आप अपना पशु बेचना चाहते हैं, तो उसके लिए अब आपको इधर-उधर धक्के नहीं काटने पड़ेंगे। आपको सिर्फ अपने स्मार्ट फोन में Animall ऐप को डाउनलोड करना है। ऐप डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। Click Here

  1. ऐप डाउनलोड करने के बाद आप इसमें मोबाइल नंबर डालें  और जगह का चुनाव करें।
     
  2. अब आप जिस भाषा में ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं, वो भाषा चुनें
     
  3. आपकी ऐप इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। अब बिना किसी देरी के पशु खरीद या बेच सकते हैं। दोनों ही विकल्प आपको ऐप में नीचे की तरफ देखने को मिल जाएंगे।
     
  4. आप अगर गाय खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए गाय के विकल्प को चुनें।
     
  5. जैसे ही आप गाय के विकल्प को चुनेंगे, आपको एक सूची दिखने लगेगी। ये उन पशुओं की सूची जो बिकाऊ है। 
  6. आप इस सूची में अपनी जरूरत के मुताबिक दूध की क्षमता, ब्यात, नस्ल के विकल्प को चुन सकते हैं। और अपनी पसंद की गाय चुन सकेंगे।
  7. इस सूची के आधार पर आप अपनी गाय चुनते हैं और सीधा बेचने वाले व्यक्ति से बात कर सकते हैं। यहां तक की आप बात करने के साथ-साथ उस व्यक्ति से मोल भाव भी कर सकते हैं।

कैसे बेचें Animall ऐप पर पशु

  1. अगर आप गाय बेचना चाहते हैं तो इसके लिए आप ऐप में ठीक नीचे देखेंगे। तो वहां पर बीचों बीच आपको पशु बेचने का विकल्प दिखाई देगा।
     
  2. इसके बाद आपको पशु से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। इसमें आपको अपनी गाय की ब्यात, नस्ल, कीमत, दूध देने की क्षमता, गाय की फोटो अपलोड करनी होती है।
     
  3. आपका पशु Animall ऐप पर लिस्ट हो गया है, जो भी खरीदार आपका पशु लेने में रुचि लेगा, वो आपसे सीधा संपर्क कर सकता है और आप उसे अपना पशु आसानी से बेच सकते हैं। 

Animall ऐप पर आप पशु खरीदने और बेचने के साथ-साथ, उनसे जुड़ी हर तरह की जानकारी भी ले सकते हैं। इतना ही नहीं पशु के बीमार होने की स्थिति में आप डॉक्टर से भी आसानी से बात कर सकते हैं। और पढ़ें