कृपया हमें यह सुझाव दें कि दूध देने वाले पशु को कितना पशु दाना/आहार देना चाहिए?

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दूध देने वाले पशु को उसकी उत्पादक क्षमता के अनुसार पोषाहार की आवश्यकता होती है| पोषाहार संतुलित हिना चाहिए| पोषाहार संतुलित बनाने के लिए इसके उचित मात्रा व भाग में प्रोटीन, ऊर्जा, वसा व खनिज लवण होने चाहिए|| औसतन एक देसी गाय को 1 कि.ग्राम अतिरिक्त पशु दाना प्रत्येक 2.5 कि.ग्रा. दूध उत्पादन पर देना आवश्यक है| उपरोक्त पशु दाना रख-खाव आहार के अतिरिक्त होना चाहिए उदहारण के लिए:- गाय का वज़न : 250 कि.ग्रा. (अन्दाज़)| दूध उत्पादन : 4 कि.ग्रा.प्रतिदिन| आहार जो दिया जाना है| भूसा/प्राल : 4 कि.ग्रा| दाना 2.85 4 कि.ग्रा (1.25 4 कि.ग्रा रखरखाव और1.6 4 कि.ग्रा आहार दूध उत्पादन के लिए)

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घर पर पशु दाना/आहार बनाने की विधी क्या है कृपया सुझाऐं?

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निम्न लिखित विधी द्वारा पशु दाना/आहार घर पर बनाया जा सकता है:- 10 कि.ग्रा. पशुआहार बनाने के लिए बराबर मात्रा में अनाज, चिकर ओर खल(3.33 कि.ग्रा.प्रत्येक) लें ओर इसमें 200ग्राम नमक व 100 ग्राम खनिज लवण मिलाएं| कृपया यह सुनिश्चित करें कि अनाज पूरी तरह पिसा हुआ व खल पूरी तरह तोडी हुई हो (यदि खल पूरी तरह पाउडर नहीं बना हो तो एक दिन पहले 2 ग्राम को पानी से भिगो दें) अगली सुबह पीसी हुई नरम खल को उपरोक्त अनाज नमक व खनिज लवण में मिलाए| इस पशु दाने को पशु को पशु कि आवश्यकता अनुसार सूखे घास व हरे चारे में खिलाया जा सकता है|

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एक जानवर की पौष्टिक आवश्यकता क्या है?

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सामान्य नीयम के तहत एक दुधारू गौ को 40-50 कि.ग्रा. हरा चारा व 2.5-3.0 कि.ग्रा. दाना (प्रति कि.ग्रा. दूध उत्पादन) देना अनिवार्य है| परन्तु यह एक जानवर की कुल दीध उत्पादन व उसके वज़न पर निर्भर है|

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बछड़ों- बछड़ियों को खीस के इलावा और क्या खुराक देनी चाहिये?

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पहले तीन हफ्ते बछडों को उनके शरीर का दसवां भाग दूध पिलाना चाहिये। चौथे और पांचवे हफ्ते शरीर के कुल भाग का 1/15 वां भाग दूध पिलाएं। इसके बाद 2 महीने की उम्र तक 1/20 वां भाग दूध दें। इसके साथ-साथ शुरुआती दाना यानि काफ स्टार्टर और उस के साथ अच्छी किस्म का चारा देना चाहिये।

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नवजात बछड़ों का पोषण कैसे करें?

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अच्छा पोषण ही बछड़ों- बछड़ियों को दूध / काम के लिये सक्षम बनाता है। नवजात बछड़ों के लिये कोलोस्ट्रल (खीस) का बहुत महत्व है। इस से बिमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। और बछड़े- बछड़ियों का उचित विकास होता है।

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