संक्रामक रोगों के प्रमुख लक्षण निम्न है:- – तीव्र ज्वर – भूख ना लगना – सुस्ती – सूखी थोंथ – कमजोर रूमिनल गति अथवा पूर्ण रूप से स्थिर होना – दुग्ध उत्पादन में अचानक कमी – नाक-आँख से स्त्राव – दस्त या कब्ज का होना – जमीन पर गिर जाना – लेट जाना
गाय-भैंस के प्रमुख विषाणु जनित रोग- – फुट एवं माउथ (मुहँ-खुर पका) रोग – इन्फैक्सियस बोआइन राइनोट्रैकाईटिस (IBRT) – बोआइन वाइरल डायरिया (B.V.D) – इपैम्हरल फीवर
छूआछूत रोग संक्रामित व्यक्तियों एवं पशुओं के निकट संपर्क में आने से ही फैलता है जबकि संक्रामक रोग निकट सम्पर्क के अलावा संक्रमित खाद्य पदार्थ, पेयवस्तु एवंम संक्रामित कपड़े विद्वावन वर्तन इत्यादि द्वारा भी फैल सकते है। (सभी छुआछूत रोग संक्रामक रोग होते हैं परन्तु सभी संक्रामक रोग छुआछूत के रोग नहीं होते हैं!)
संक्रामक रोग मुखयतः संक्रामक रोगवाहको के सीधे समपर्क में आने से संक्रमित खाद्य पदार्थों पेय वसतुओं और इसके अलावा संक्रमित वयक्ति एवमं पशु भी इन रोगों को स्वसथ वयक्तियों एवमं पशुओं को संक्रमित करने में शयक होते हैं।
सूक्ष्मजीवीजनित रोग जैसे जीवनाणु, विषाणु, फंफूद, माइकोपलाज्मा इत्यदि जनित रोगों को संकामक रोग खते हैं। उदाहरणतः एँथरेकस (तिलली रोग), टूयबरकूलोसिस (क्षय रोग), मुहँ-खुर पका , गलघोंटू इतयादि।
