भारत में भैंस पालना किसानों के लिए एक मुख्य आय का स्त्रोत है। भारत विश्व में दूध उत्पादन के लिए सबसे बड़ा देश है और ये बनना भैंस के बिना मुमकिन नहीं है। भारत में कई नस्ल की भैंस अलग अलग राज्यों में मिलती है। भैंस की नस्लों में ही एक बहुत ही मशहूर है मेहसाणा।
मेहसाणा नस्ल की भैंस आमतौर पर गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा, अहमदाबाद और गांधीनगर जिलों में पाई जाती हैं। इसका नाम मेहसाणा इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी उतपत्ति गुजरात राज्य के मेहसाणा जिले में हुई है। इसे मेहसानी नाम से भी जाना जाता है। मेहसाणा को उसकी बेहतरी प्रजनन क्षमता के लिए जाना जाता है। और पढ़ें
मेहसाणा नस्ल की पहचान
मेहसाणा नस्ल की भैंस काले, भूरे और सलेटी रंग की होती है। ये दिखने में मुर्रा की तरह ही होती है। हालांकि इसका शरीर मुर्रा भैंस की तुलना में बड़ा होता है, लेकिन वजन में ये उससे हल्की होती है। दिखने में ये भैंस बहुत धाकड़ दिखती है। मेहसाणा भैंस का वजन 480 किलो के आसपास होता है। वहीं मेहसाणा के सींग आम तौर पर दरांती से आकार के होते हैं और वो मुर्रा भैंस से कम घूमी हुई रहती है।
मेहसाणा के लिए कहते हैं कि ये मुर्रा और मेहसाणा नस्ल के क्रॉस ब्रीड से बनी है। इसी वजह से दिखने में काफी मुर्रा से मिलती होती है।
मेहसाणा भैंस के दूध की विशेषताएं
मेहसाणा भैंस का दूध गुणवत्ता में काफी अच्छा होता है। मेहसाणा भैंस की पहली ब्यात का समय 42 से 48 महीने होता है। ये भैंस रोजाना का 10 लीटर दूध दे सकती है। डेयरी फार्मिंग के नजरिये से ये नस्ल बेहद ही खास मानी जाती है। एक ब्यात में मेहसाणा भैंस 1200 से 1500 लीटर तक दूध दे सकती है। मेहसाणा के दूध में लगभग 7 फीसदी तक फैट होता है। और पढ़ें
मेहसाणा भैंस को चारे में क्या दें
मेहसाणा नस्ल की भैंस को खुराक बेहद ही संभाल कर देने की जरूरत होती है। उसे जरूरत से ज्यादा खुराक बिलकुल भी ना दें। अगर आप भैंस को फलीदार चारा दे रहें हैं तो उसमें तूड़ी या फिर कोई अन्य चारा जरूर मिला लें। ऐसा करने से पशु को अफारा या बदहजमी की शिकायत नहीं होगी।
एक मेहसाणा भैंस को खुराक में प्रोटीन, कैलशियम, फासफोरस, विटामिन ए की जरूरत होती है। उसे दाने के रूप में मक्की, गेहूं, जौं, जई, बाजरा जरूर दें। इसके अलावा उसे गेहूं का चोकर, चावलों की पॉलिश, बिना तेल के चावलों की पॉलिश भी दे सकते हैं।
भैंस की देखरेख कैसे करें
मेहसाणा भैंस को पालने के लिए आपको एक शेड की जरूरत होगी क्योंकि पसु को भारी बारिश, तेज धूप, ज्यदा ठंड, बर्फबारी जैसे वातावरण से बचाने की जरूरत होती है। इतना ही नहीं इस बात का भी ध्यान रकें की शेड में साफ हवा और पानी भी साफ ही रहे। इसके अलावा पशुओं की संख्या के हिसाब से उनके आसानी से चारा खाने के लिए खुली जगह का प्रबंध रखें। और पढ़ें
गर्भवती जानवरों की देखभाल:
अगर आप एक गर्भवती मेहसाणा का खास ध्यान रखते हैं, तो उसके कई पायदे हैं, जैसे की अच्छे प्रबंधन की वदह से जो बछड़ा होगा वो स्वस्थ और अच्छा होगा। साथ ही भैंस जो दूध देगी वो भी ज्यादा मात्रा में हो सकता है और उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होगी। गर्भवती भैंस को खाने में चारे की ज्यादा जरूरत पड़ती है।
पाड़ी/ पाड़ा की देखभाल और प्रबंधन:
भैंस जब बच्चा दे देती है तो उसके जन्म के बाद नाक या मुंह से कफ को तुरंत हटा दें। अगर पाड़ा या पाड़ी सांस नहीं ले पा रहा है, तो उसे बनावटी सांस दें।
मेहसाणा भैंस को होने वाली आम बीमारियां और उनका इलाज
भैंसों का गल-घोटू रोग
भैंसों में गल-घोटू रोग एक जानलेवा बीमारी है, ये बीमारी ज्यादातर 6 महीने से लेकर 2 साल के पशु को होती है। गल घोटू रोग का कारण पासचुरेला मलटूसिडा नामक जीवाणु होता है, ये जीवाणु पशु के टांसिल में होता है। इसके अलावा ज्यादा काम के बोझ की वजह से या फिर खराब पोषण, गर्मी और अन्य बीमारियां के कारण गल घोटू रोग होते हैं। ज्यादातर ये बीमारी बारिश के मौसम में होती है। और पढ़ें
गल-घोटू रोग के लक्षण
- बुखार होना
- मुंह से लार टपकना
- आंख और नाक से पानी निकलना
- भूख न लगना
- पेट दर्द होना और दस्त होना आदि
रोकथाम
- गर्मियों के मौसम में पशुओं को इक्ट्ठे और तंग जगह पर ना बांधे।
- बीमार पशुओं को बाकी पशुओं से अलग रखें।
- मॉनसून आने से पहले ही टीकाकरण करवाएं। पशुओं के पहले टीका 6 महीने की उम्र में और फिर हर साल जरूरी करवाएं।
- लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
तिल्ली का रोग (एंथ्रैक्स)
मेहसाणा भैंस को इस बीमारी काफी तेज बुखार होता है। ये बीमारी आमतौर पर कीटाणु या फिर गंदे पानी की वजह से होती है, लेकिन खराब खुराक भी इसका एक कारण हो सकता है। ये बीमारी अचानक होती है या कुछ समय भी ले सकती है।
लक्षण:
- इसमें जानवर का शरीर अकड़ जाता है
- चारों टांगे बाहर को खींची जाती हैं।
रोकथाम: इसका कोई असरदायक इलाज नहीं है। हर साल इसके बचाव के लिए टीके लगवाये जाने चाहिए।
Animall पर कैसे खरीदें भैंस
अगर आप भी एक मेहसाणा भैंस खरीदना चाहते हैं या फिर अपनी मेहसाणा भैंस को बेचना चाहते हैं तो तुरंत ही अपने फोन में Animall ऐप को डाउनलोड कर लो। इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको पशु खरीदने या बेचने की सारी सिरदर्दी से छुटकारा मिल जाएगा।
Animall ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपको मार्केट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ऐप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आप प्ले स्टोर पर जाएं और वहां से Animall ऐप को डाउनलोड करें। आप इस लिंक से भी डाउनलोड कर सकते हैं Click Here

- ऐप डाउनलोड होने के बाद आप अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें। साथ ही अपनी जगह को चुनें।

- इसके बाद आपको ऐप की भाषा चुनने का विकल्प मिलेगा।

- इसके बाद आप ऐप को पूरी तरह से इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। यहां पर आपके सामने पशु खरीदने और बेचने दोनों के विकल्प नजर आएंगे।

- अगर आप मेहसाणा भैंस खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए आपको भैंस के विकल्प चुनने की जरूरत है।

- जो भी भैंस बिकाऊ होगी, उसकी पूरी सूची आपको यहां पर मिल जाएगी।
- इसके बाद आपको पशु के दूध की क्षमता, ब्यात, नस्ल के विकल्प दिखाई देंगे। आप अपनी जरूरत के हिसाब से पशुओं की सूची हासिल कर सकेंगे।
- इस सूची के आधार पर आप अपनी भैंस को चुन सकते हैं और सीधा बेचने वाले इंसान से बात कर सकते हैं।

- आप बेचने वाले व्यक्ति से मोल भाव भी कर सकते हैं और भैंस से जुड़ी अन्य जानकारियां भी हासिल कर सकते हैं।
ऐप पर कैसे बेचें पशु
- वहीं अगर आप अपनी भैंस बेचना चाहते हैं तो इसके लिए आप ऐप में नीचें देखेंगे तो पशु बेचें विकल्प मिलेगा। इसे दबाने के बाद आप पशु बेच सकेंगे।

- यहां पर क्लिक करने के बाद आपको अपनी भैंस से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। जैसे की ब्यात, नस्ल, कीमत, दूध की क्षमता, फोटो आदि।

- जैसे ही आप ये सारी जानकारी देंगे उसके कुछ ही मिनटों के अंदर आपका पशु ऐप पर लिस्ट हो जाएगा। जो भी खरीदार होगा वो सीधा आपसे संपर्क कर सकेगा।
जहां एक तरफ आप बेहद आसानी से Animall ऐप पर अपना पशु बेच सकते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ आपको पशु से जुड़ी जानकारियां और डॉक्टरों से सहायता भी ऐप पर मिल जाती है। और पढ़ें















