मिनी डेयरी योजना क्या है ?

सरकार की ओर से मिनी डेयरी योजना चलाई जा रही है जिसके लिए दुग्ध उत्पादन करने वालों को अनुदान दिया जाता है। प्रगतिशील किसानों और शिक्षित युवा बेरोजगार को इस योजना के तहत 5/10 दुधारू मवेशी उपलब्ध कराए जाते हैं।
1. 5 दुधारू मवेशी के लिए
ये मवेशी गाय अथवा भैस हो सकती है। इस योजना के तहत 50% अनुदान एवं 50% बैंक लोन पर पांच दुधारू मवेशी दिया जाता है। दो चरणों में लाभुक को मवेशी दिया जाता है। पहले चरण में 3 मवेशी और 6 माह के बाद 2 मवेशी की खरीद के लिए पैसा बैंक के माध्यम से दिया जाता है। योजना लागत में मवेशी की खरीद के लिए 45000 रुपये एवं 3 वर्षों मवेशीयों के लिए बिमा प्रीमियम के लिए 20000 रूपये लाभुक को दिए जाते हैं।
2. 10 दुधारू मवेशी के लिए
इस योजना का लाभ स्वयं सहायता समूह भी ले सकते हैं। सभी को 40% अनुदान एवं 60% बैंक लोन पर दुधारू जानवर उपलब्ध करवाया जाता है। योजना के माध्यम से 6 माह के अंतराल पर 55 मवेशी दिए जाते हैं उत्पादन के लिए इस योजना के माध्यम से 3,50,000 तथा शेड निर्माण के लिए 90,000 लाभुक को दिया जाता है।

दूध उत्पादन को बेहतर स्वरोजगार के रूप में अपनाया जा सकता है। दूध उत्पादन को रोजगार में अपनाने की चाहत रखने वाले लोग अपने जिले के जिला गव्य विकास पदाधिकारी से इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा वे अपने निकटतम डेयरी पशु विकास केंद्र तथा जिला पशुपालन पदाधिकारी से संपर्क कर दूध उत्पादन, मवेशी और अनुदान के विषय पर जानकारी ले सकते हैं।

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